31 अक्टूबर 2014 - 16:27
अहलेबैत अ. की मुहब्बत नजात की कुंजी।

म्बई के जिला थाने में जामिया इस्लामिया के प्रमुख सुन्नी मौलाना अल्लामा मोहम्मद अख्तर अली वाजिद कादरी ने मुहर्रम के अवसर पर अहले सुन्नत वल जमाअत द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा अहलेबैत से मुहब्बत के नतीजे में नजात और अहलेबैत से दुश्मनी के नतीजे में जहन्नम हाथ आयेगी

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार मुम्बई के जिला थाने में जामिया इस्लामिया के प्रमुख सुन्नी मौलाना अल्लामा मोहम्मद अख्तर अली वाजिद कादरी ने मुहर्रम के अवसर पर अहले सुन्नत वल जमाअत द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा अहलेबैत से मुहब्बत के नतीजे में नजात और अहलेबैत से दुश्मनी के नतीजे में जहन्नम हाथ आयेगी। जो अहलेबैत अ. से प्यार करते हुए यानि उनकी मुहब्बत अपने दिल में लिये हुए दुनिया से विदा हो गए उनकी मौत, मौत नहीं बल्कि ज़िंदगी है और जो अहलेबैत की दुश्मनी में मर गए वह जहन्नम में अपना ठिकाना दुनिया ही में बना गए थे।
मुंबई के मशहूर ख़तीब अली वाजिद कादरी ने कुरान व सुन्नत की रौशनी में साबित किया कि अहलेबैत से प्यार से अत्यावश्यक व वाजिब है जब तक दुनिया में ईमान वाले रहेंगे तब तक हक़ वाले अहलेबैत से प्यार करते रहेंगे, ऑले रसूल जब भी और जहां भी हों वह रसूल की ऑल ही हैं उनके परिवार का हर बच्चा मुबारक होता है।
मौलाना ने अहलेसुन्नत की किताबों के हवाले से बयान किया कि इतिहास में सहाबा केराम ने अहलेबैत का दामन नहीं छोड़ा और यही उनकी सफलता का रहस्य था।